रामपुर। भारतीय किसान यूनियन अन्नदाता के कार्यकर्ताओं ने आज तहसील सदर में एकत्रित होकर भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए कलेक्टर के समक्ष प्रदर्शन कर विरोध जताया। जिला अधिकारी को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।

बताया कि यदि अवैध कब्जे को रोका नहीं गया तो 20 जुलाई से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जाएगा। सुपर गए ज्ञापन में लिखा गया कि शत्रु संपत्ति एक्ट 1968 के अंतर्गत भू माफियाओं ने कागजों में हेराफेरी कर शत्रु संपत्ति को मुक्त कराने का प्रयास किया था। इसके बावजूद फर्जीवाड़ा पकड़ में आता रहा। उच्च न्यायालय ने भी इसे शत्रु संपत्ति दर्ज करने के लिए आदेशित कर रखा है।

प्रशासन को गलत तथ्य प्रस्तुत कर इसकी बलदियत दिया तो बदलवाकर कब्जा किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि पुलिस प्रशासन भी इसमें सहयोग कर रहा है। विरोध करने पर ग्रामीणों को फर्जी मुकदमे फसाने तथा जानमाल की धमकी भी दी जा रही है।

इस मामले के लिए 1968 में पारित एक शत्रु संपत्ति अधिनियम भी है. इस अधिनियम के तहत ऐसी तमाम संपत्तियों के मालिकान को अपनी जायदाद के रख-रखाव के लिए कुछ अधिकार भी हासिल हैं. हालांकि ये अधिकार साफ़-स्पष्ट नहीं है और इसी के चलते कई मामले अदालत में हैं. इस दौरान संगठन के मंडल अध्यक्ष अब्दुल हफीज, मासूम मियां, शबाना खान, जीनत खान, दानिश मियां, मोहम्मद फैजान, रागीव खान, रामपाल, संजीव राजपूत आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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