तीसरी लहर में देश के विभिन्न राज्यों में तबाही मचाने वाले कोरोना के सबसे खतरनाक स्वरूप डेल्टा प्लस ने दूसरी लहर में ही गोरखपुर में अपना प्रभाव दिखा दिया था।

इस वैरिएंट के चलते गोरखपुर में एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी, वहीं एक युवती ने इसे मात दे दी है। इस बीच देवरिया में डेल्टा वैरिएंट का एक और मामला सामने आया है।

बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कालेज के माइक्रोबायोलाजी विभाग ने 61 नमूने जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए दिल्ली स्थित इंस्टीट्यूट आफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलाजी (आइजीआइबी) में भेजी थी।

उसमें से 30 की रिपोर्ट बुधवार को आई तो हड़कंप मच गया। इसमें दो में डेल्टा प्लस, 27 में डेल्टा व एक में कप्पा वैरिएंट की पुष्टि हुई है।

डेल्टा प्लस वैरिएंट के दो मरीजों में एक देवरिया के 66 वर्षीय बुजुर्ग 17 मई को पाजिटिव हुए थे। उन्हें बीआरडी मेडिकल कालेज के कोरोना वार्ड में भर्ती कराया गया था।

जून में उनकी मौत हो गई थी। इसके अलावा बीआरडी मेडिकल कालेज की एमबीबीएस की छात्रा व लखनऊ निवासी 23 वर्षीय युवती 26 मई को पाजिटिव हुई थी। उसने कोरोना से जंग जीत ली है।

इन दोनों मरीजों में डेल्टा प्लस की पुष्टि हुई है। यह वही वैरिएंट है जिसके बारे में माना जा रहा है कि इस पर न तो शरीर के भीतर बनने वाली और न ही बाहर बनाई गई एंटीबाडी काम नहीं कर रही है।

देवरिया में मिला डेल्टा प्लस वेरिएंट का एक और मरीज
इस बीच गुरुवार को देवरिया जिले के रुद्रपुर क्षेत्र के निबही गांव के रहने वाले मोहम्मद रफीक उम्र 66 वर्ष में डेल्टा प्लस वैरिएंट की पुष्टि हुई है। रफीक की सैम्पलिंग रुद्रपुर सीएचसी पर 16 जून को की गई। जिसमे कोविड पॉज़िटिव आने पर वह मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में भर्ती हुआ।

इलाज के दौरान सुधार नही होने पर 24 मई को जीनोम टेस्ट के लिए सैम्पल केजीएमयू लखनऊ भेजा गया जहां रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टरों ने इसकी पुष्टि की। हालांकि संक्रमित की इलाज के दौरान 29 मई को मौत हो गई।

सीएमओ डॉ आलोक पांडेय ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि गाव में सर्विलांस टीम के अलावा रुद्रपुर सीएचसी व देवरिया से स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुची है। संक्रमित के संपर्क में आने वाले लोगो की सैम्पलिंग कराई जा रही है।

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