हाल ही में यूपी पुलिस का नंगा नाच आजमगढ़ के सगड़ी तहसील में देखने को मिला है ,पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आजमगढ़ में बीते दो दिन और रात में पुलिस ने जो तांडव मचाया वह मानवता को शर्मसार करने से भी आगे निकलने वाला है ।

पुलिस पर कथित आरोप है महिलाओं के कपड़े फाड़े ,उनके निजी अंगों पर डंडे से प्रहार किए ,भद्दी -भद्दी गालियाँ दिया । इसके बाद भी उनका मन नही भरा तो तीन बुल्डोजर लगवाकर 4 मकानों को खण्डहर में तब्दील कर दिया ।

नई ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल को भी नही छोड़ा । घटना की तश्वीरें ही वहाँ का नंगा सच और हाल बया कर रही है ।भारत के इतिहास में यह ऐसी पहली घटना होगी जहाँ कानून के रक्षकों ने भक्षक बनकर उत्पात मचाया ।

मानवता , हैवानियत की इतनी विकृत रूप ले लेगी ऐसी कल्पना में भी रूह कांप जाती है । घटना के बाद स्त्रियों को यहाँ तक कहना पड़ रहा है कि अब किस तरह अपने माँ बाप ,सास ससुर, पति और परिवार वालों को हम लोग मुँह दिखाएंगे ।

घटना आजमगढ़ जनपद के राहुल पार थानाक्षेत्र के पलिया गांव में स्थित एक पासी बस्ती की है ,जहाँ 29 जून को गांव के ही एक झोलाछाप बंगाली डाक्टर आनंद विश्वास के बेटे लिट्टन विश्वास को गांव के पासी समाज के एक बेटी का आपत्तिजनक फ़ोटो मिल गया ,जिसे लेकर कई दिनों से वह उसे अवैध संबंध बनाने के लिए ब्लैकमेल कर रहा था ।

अंततः परेशान होकर उक्त लड़की ने अपने परिजनों से इस बात की शिकायत की। परिजनों ने ग्राम प्रधानपति पलिया मुन्ना पासवान ,उनके चाचा राजपत पासवान को इस मामले की सूचना दिया तो उन्होंने पंचायत के जरिये कई लोगों ने मिलकर इस मामले को हल करने का दवाब बनाया और लिट्टन विश्वास को फटकार लगाया ।

इससे नाराज होकर लिट्टन विश्वास ने मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दे दिया । सूूूूचना पर पहुचे दो पुलिस कर्मी नशे में धुत्त थे तथा बातचीत के दौरान ग्राम प्रधानपति पलिया मुन्ना पासवान को मारने लगे ।

रात के अंधेरे में बैठे ग्रामीण

इस दौरान मुन्ना पासवान के नाक से खून बहने लगा यह देख वहाँ मौजूद गांव के लोग आग बबूला हो गए और देेखते ही देेेखते माहौल गरमा गया । ग्रामीणों ने नशे में धुत्त दोनो पुलिसकर्मियों को धुन दिया ।

जब घटना के सम्बंध में पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह आजमगढ़ को सूचना हुई तो उन्होंने लगभग 200 की संख्या में पुलिसकर्मियों सहित कुछ सत्ता के करीबी बदमाशो को उक्त गांव में पुलिस बल के साथ भेजा ।

पुलिसकर्मियों ने 29 जून को ही रात में ग्राम प्रधान मुन्ना पासवान के चाचा राजपत पासवान के घर पर धावा बोल दिया और बुलडोजर चलवाना शुरू कर दिया ।

राजपत के बेटे मिंटू दिल्ली में रहते है ,मिंटू की पत्नी मंजू को बेरहमी से पुलिसकर्मियों ने पीटा और उसके 6 माह के बच्चे उत्कर्ष को जमीन पर पटक दिया, जो खबर लिखे जाने तक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है ।

पुलिस द्वारा तोड़े गए लोगो के घर

इस बीच मिंटू का छोटा भाई स्वतंत्र पासवान एक अस्पताल में अपने दुधमुंहे बच्चे का रिपोर्ट लेने गया था । आरोप है कि मिंटू की बहन प्रियंका को घसीटकर पुलिस वाले घर के अन्यंत्र जगह ले जाकर पीटते रहे और उसके अस्मत पर हाथ डालने की भी कोशिश की ।

मारपीट के दौरान प्रियंका बार -बार बेहोश हो रही थी । इस बात को राजपत की बहन की बेटी गुड्डी ने बताया । अन्य महिलाओं से बातचीत मे भी इस बात की पुष्टि हुई ।

बताया कि उनके घर में रखे कई लोगों के सोने के हार, कंगन ,चेन सहित लगभग 50 लाख के आसपास अनुमानित कीमत के गहने और महिलाओं ने जो गहने पहने थे वे भी लूट लिए गए ।

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