मोदी के भाषण के बाद, किसान नेता बोले- नफरत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं PM .

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संवाद पर किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लोगों के पास केवल भाषण होता है। इसके अलावा कुछ नहीं।

पीएम मोदी लगातार झूठ बोल रहे हैं और नफरत फैलाने में लगे हुए हैं। उद्योग घराने सिर्फ 6 फीसदी रोजगार देते हैं, लेकिन हर वक्त उनका कर्ज माफ कर दिया जाता है। वहीं, कृषि क्षेत्र में 70 फीसदी लोग रोजगार पाते हैं लेकिन कोई ध्यान नहीं देता है।

2018 कि एक खबर के मुताबिक मोदी सरकार के चार सालों में 21 सरकारी बैंको ने 3 लाख 16 हज़ार करोड़ के लोन माफ़ किए गया था। यह भारत के स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा के कुल बजट का दोगुना था।

सख़्त और ईमानदार होने का दावा करने वाली मोदी सरकार में तो लोन वसूली ज़्यादा होनी चाहिए थी, मगर हुआ उल्टा। एक तरफ एनपीए बढ़ता गया और दूसरी तरफ लोन वसूली घटती गई।

इंडियन एक्सप्रेस में अनिल ससी की यह ख़बर पहली ख़बर के रूप में छापी गई है। भारत का स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा का जो कुल बजट है उसका दोगुना लोन बैंकों ने माफ कर दिया।

2018-19 में इन तीनों मद के लिए बजट में 1 लाख 38 हज़ार करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है अगर लोन वसूल कर ये पैसा स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा पर ख़र्च होता तो समाज पहले से कितना बेहतर होता।

अप्रैल 2014 से अप्रैल 2018 के बीच बैंकों ने मात्र 44,900 करोड़ रुपये की वसूली की है। बाकी सब माफ। इसे अंग्रेज़ी में राइट ऑफ कहते हैं। ये आंकड़ा भारतीय रिज़र्व बैंक का है।

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