आगरा में डेढ़ माह के अबोध का इलाज कराने में असमर्थ मां ने उसकी बोली लगा दी। बच्चे को खरीदने के लिए महिलाएं भी जुट गईं।

बोली लगाती मां की जानकारी पर सामाजिक कार्यकर्ता आ गए उन्होंने पुलिस को जानकारी दी। कुछ लोगों ने ट्वीट भी कर दिया।

इस पर पुलिस पहुंच गई। बच्चे को इलाज के लिए एसएन मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया। थाना सदर पुलिस ने महिला को 11 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी। इसके अलावा भी मदद का भरोसा दिया।

थाना सदर क्षेत्र के एक मोहल्ले का जूता कारीगर शराब पीने का आदी है। वह जुआ भी खेलता है। इस कारण घर में रुपये नहीं देता है। कारीगर की पत्नी बीमार रहती है।

तीन साल के बेटे को जिठानी को दे दिया था। डेढ़ महीने पहले एक और बेटा हुआ। वह बीमार रहता है। ठीक से खाना पीना नहीं मिलने के कारण अबोध कुपोषण का शिकार हो गया।

सोमवार को तबीयत खराब होने पर बेटे को मां एसएन मेडिकल कालेज लेकर आ गईं। मगर, पति साथ नहीं था। इस कारण इलाज नहीं करा पा रही थी। मंगलवार दोपहर को महिला ने बेटे की छु्ट्टी करा ली।

इसके बाद तीमारदार कक्ष में आकर बच्चे को बेचने की बातें कहने लगी। यह देखकर पहले तो सभी सकते में पड़ गए। बाद में खंदारी की एक महिला ने 10 हजार की बोली लगा दी। कई और महिलाएं आ गईं।

कुछ लोगों ने पुलिस को इसकी जानकारी ट्वीट से दी। सोशल मीडिया सेल के प्रभारी को जानकारी हुई तो उन्होंने थाना एमएम गेट पुलिस को भेजा।

एसएन मेडकल कालेज के प्राचार्य आ गए। उन्होंने बच्चे को भर्ती कराया। पुलिस ने महिला को मदद का भरोसा दिया।

सूचना पर थाना सदर पुलिस भी पहुंच गए। थाना के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने बच्चे के इलाज और परिवार की सहायता के लिए 11 हजार रुपये दिए हैं इसके अलावा भी परिवार की मदद का भरोसा दिया गया है।

Share.

Comments are closed.