11 सितंबर को आर्य समाज के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश का निधन हो गया है। वे अपनी सख्त टिप्पणियों के लिए याद किये जाते रहेंगे। मजदूरों-मजलूमों को आवाज देने और धर्म के ठेकेदारों के खिलाफ बोलने के कारण ये हमेशा सत्ता के निशाने पर रहते थे।

झारखंड के पाकुड़ में 2018 पहाड़िया महासम्मेलन में हिस्सा लेने गए प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश के साथ विद्यार्थी परिषद व भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने उनके साथ मारपीट की, बल्कि उनके कपड़े फाड़कर उन्हें जान से मारने की कोशिश की थी।

लेकिन इसके बावजूद भाजपा के युवा गुंडों की इस बदतमीजी पर किसी जिम्मेदार नेता या फिर डिजिटिल प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट तक करना सही नहीं समझा। पाकुड़ हमले के बाद से ही उनका स्वास्थ्य खराब रहने लगा था।

हमले के बाद एक वीडियो में स्वामी अग्निवेश कुछ सवाल उठाते और कहा कि किस तरह बीजेपी राज में गुंडाराज सर्वत्र व्याप्त होता जा रहा है। भाजपा की युवा गुंडावाहिनी ने स्वामी अग्निवेश को मरणासन्न होने तक पीटा, अस्पताल में भर्ती वीडियो में स्वामी अग्निवेश ने कहा, मुझ पर जो हमला हुआ वह जानलेवा था, मगर ईश्वर की कृपा से मैं बच गया।

स्वामी अग्निवेश ने कहा था मुझे लगता है यह हमला मुझ पर व्यक्तिगत नहीं, मेरी सोच, मेरे काम पर था। इस देश में मेरी सोच और मेरी तरह काम करने वाले लोग बड़ी संख्या में हैं।

गरीब, शोषित, आदिवासी, महिलाएं मेरे काम के साथ जुड़ी हुई हैं। ये लोग सामाजिक न्याय के संघर्ष से जुड़े हुए हैं। पर हमला करने वाली वो ताकतें हैं जो संविधान को खत्म करना चाहती हैं, सामाजिक न्याय को मिटाना चाहती हैं।

प्रजातांत्रिकता और समरसता को खत्म करना इनका लक्ष्य है। इसलिए अगर लगता है आने वाले भविष्य के लिए इनका प्रतिकार करना जरूरी है तो इन काली ताकतों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई हो।

सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया उसी दिन भाजपा के गुंडों ने स्वामी अग्निवेश को अपना निशाना बनाया था। उसी दिन सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि ऐसी गुंडई के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अग्निवेश ने कहा था, मुझ पर हुए जानलेवा हमले के बाद सुप्रीम कोर्ट की इज्जत बचाने के लिए झारखंड सरकार ने 8-10 लोगों की गिरफ्तारी की, मगर उसके कुछ घंटों के भीतर ही उन्हें छोड़ भी दिया गया, जबकि सुप्रीम कोर्ट का फैसला कह रहा है कि ऐसे लोगों पर बहुत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

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