मुजफ्फरनगर : लगातार प्रदेश में यौन उत्पीड़न के मामले सामने आ रहे है। चौकाने वाली बात तो यह है कि बड़े -बड़े मठो से अब ऐसी खबरे सामने आ रही है। ताजा मामला, मुज़्ज़फरनगर, शुकतीर्थ स्थित नामचीन गौडीय मठ का है।

आश्रम में बच्चों के उत्पीडऩ की शिकायत पर मंगलवार को अफरातफरी मच गई। जांच टीम को मौके पर आठ बच्चे मिले, जिन्हें मुक्त कराया गया। दो बच्चों के गायब होने का संदेह है। सभी बच्चे मिजोरम और त्रिपुरा के हैं।

घटना की जानकारी के बाद , मुजफ्फरनगर के थाना भोपा क्षेत्र के शुक्रतीर्थ स्थित गौडीय मठ के मठ संचालक पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मंगलवार 8 जुलाई 2020 को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी सूचना मिली थी कि शुक्रतीर्थ स्थित गोडीया मठ में बच्चो के साथ उत्पीड़न हो रहा है। जिसके बाद टीम ने 10 बच्चों को सूचना पर वहां से मुक्त कराया था।

आश्रम से 8 बच्चों को मुक्त कराया गया तथा आरोप है कि इन नाबालिक बच्चों से यहां खाना बनवाना बर्तन धुलवाना झाड़ू पोछा चिनाई की मजदूरी कराना घास कटवाना जैसे काम जबरन कराए जाते थे मंगलवार को देर शाम आश्रम में छापामारी करते हुए थाना भोपा पुलिस एवं चाइल्ड केयर की एक टीम ने 8 नाबालिग बच्चों को आजाद कराया।

इन बच्चों को मठ में पढ़ाई के नाम पर बुलाया गया फिर इनसे बधुआ मजदूर जैसा काम कराया गया रिपोर्ट कर्ता चाइल्ड केयर हेल्पलाइन की इंचार्ज पूनम शर्मा ने बताया कि हेल्पलाइन को 10 बच्चों के बंधक होने की सूचना मिली थी मगर 8 बच्चे ही मिले हैं हेल्पलाइन के सदस्यों का कहना है कि 2 बच्चे अभी गायब हैं।

अगर बच्चे नहीं मिले तो आश्रम प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज करा कर कड़ी कार्यवाही की जाएगी कुछ घंटों के बाद दो बच्चे भी थाना भोपा पुलिस अपने साथ लेकर मुजफ्फरनगर बाल कल्याण सेवा समिति पहुंच गई तथा उन्होंने बताया इन सभी बच्चों की उम्र 7 से 12 वर्ष के बीच में है।

यह बच्चे त्रिपुरा और मिजोरम के रहने वाले बताए जा रहे हैं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक यादव के मुताबिक पुलिस और चाइल्ड केयर की एक टीम ने मंगलवार को देर शाम आश्रम में छापेमारी करते हुए इन बच्चों को आजाद कराया।

इधर मामले पर गोडिया मठ से जुड़े भक्ति भूषण गोविंद ने बच्चों के आरोपों को निराधार बताया है तथा बच्चों को उनके परिवार वालों की सहमति पर आश्रम में लाया गया है एवं उनकी इच्छा अनुसार ही उनसे गोसेवा कराई जाती है।

चाइल्ड केयर हेल्पलाइन की इंचार्ज पूनम शर्मा ने कहा है की बच्चों की काउंसलिंग की जाएगी एक बच्चे ने बताया कि उसको खाना खाने के ऊपर बहुत मारा पीटा गया तथा उसके पैर पर नील के निशान भी थे।

चाइल्ड केयर की डायरेक्टर पूनम शर्मा ने बच्चों को बाल कल्याण सेवा सीमित मुजफ्फरनगर को सौप दिया है तथा बच्चों को किशोर न्यायालय में पेश किया गया जहां पर बच्चों के बयान लिए गए तथा बच्चों का मेडिकल भी कराया गया। बच्चों के बयान व मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार चार बच्चों के साथ यौन शोषण का मामला भी प्रकाश में आया

जिसके बाद थाना भोपा पुलिस एक्शन में आ गई तथा भोपा प्रभारी निरीक्षक श्री संजीव कुमार के कुशल नेतृत्व में थाना भोपा पुलिस ने इन हैवान दरिंदों को ग्राम भोकरहेड़ी से गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के दौरान गिरफ्तार किए गए दोनों महाराज ने अपना नाम भक्ति भूषण गोविंद महाराज उर्फ मुकुंद दास पुत्र स्वामी भक्ति वल्लभ तीर्थ निवासी गोडिया मठ हरे कृष्णा धाम शुक्रताल पूर्व नाम व पता मनोज गुप्ता पुत्र रामकिशन गुप्ता निवासी होली चौक सिसौली थाना भोराकला जनपद मुजफ्फरनगर हाल पता गोरिया मठ आश्रम शुक्रताल थाना भोपा मुजफ्फरनगर बताया तथा दूसरे महाराज ने अपना नाम कृष्ण मोहन दास उर्फ छीपी पावन पुत्र भक्ति भूषण गोविंद निवासी उपरोक्त पूर्व का नाम व पता रियाज पुत्र तुलाराम निवासी कुंडा नाला जिला हिल कांडी आसाम बताया।


एसपी ग्रामीण महोदय श्री नेपाल सिंह ने प्रेस वार्ता कर गिरफ्तार किए गए आश्रम संचालकों के बारे में बताएं कि बच्चों के बयान एवं मेडिकल के आधार पर बच्चों के साथ मारपीट एवं यौन शोषण का मामला सामने आया है जिसके तहत अभियुक्तों को गिरफ्तार कर मुकदमा पंजीकृत करते हुए जेल भेजा जा रहा है।

ग्राम शुक्रताल में तीर्थ नगरी होने के कारण और भी बहुत ऐसे आश्रम हैं जिनमें देश-विदेश के बच्चे शिक्षा लेने के लिए आते हैं प्रशासन को इस घटना से संज्ञान लेते हुए और आश्रमों में भी रहने वाले बच्चों की देखभाल एवं उनका बायोडाटा अपने पास सुरक्षित रखना चाहिए ताकि इस तरह से बच्चों के साथ होने वाले अत्याचारों एवं कुकर्मों को रोका जा सके।

गिरफ्तार करने वाली टीम में थाना भोपा प्रभारी निरीक्षक श्री संजीव कुमार उप निरीक्षक अक्षय कुमार कॉन्स्टेबल अनिल कुमार जितेंद्र कुमार रविंद्र अधाना शामिल रहे।

आश्रम में रहने वाला हरिओम नाम का युवक बच्चों की देखभाल करता था। उक्त युवक ने बच्चों को फुसलाकर अपने साथ ले जाने का प्रयास किया था, जिसकी शिकायत भोपा थाने में की गई।

इसके बाद वह आश्रम से भाग गया। उसी युवक ने अधिकारियों को फोन करके झूठी शिकायत की है। उक्त युवक के खिलाफ तहरीर दी है। आश्रम में बच्चों का किसी तरह का उत्पीडऩ नहीं होता है।

गौडीय मठ में 10 बच्चों को रखने और उनका उत्पीडऩ करने की शिकायत मिली थी। टीम को आश्रम भेजा, जहां आठ बच्चे मिल पाए। सभी का मेडिकल कराया जाएगा। जांच शुरू कर दी गई है। दो बच्चे कहां हैं, इस बारे में आश्रम से जुड़े लोगों से पूछताछ की जाएगी।

-मो. मुस्फेकीन, जिला प्रोबेशन अधिकारी

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