मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे बड़ी पूंजी वाली कंपनी है, जिसकी कुल पूंजी 8.5 ट्रिलियन रुपए आंकी गई है। हालांकि रिलायंस पर करीब 3 लाख करोड़ रुपए का कर्ज भी है।

बीते साल अगस्त में मुकेश अंबानी ने मार्च, 2021 तक कंपनी को पूरी तरह से कर्ज मुक्त करने का लक्ष्य रखा था। हालांकि पहले रिलायंस के पेट्रोकेमिकल बिजनेस की सऊदी अरब की कंपनी सऊदी अरामको के साथ हुई डील और अब जियो प्लेटफॉर्म में हिस्सेदारी बेचकर रिलायंस तय डेडलाइन से पहले ही कर्ज मुक्त हो सकती है।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के चलते और जिस तरह से दुनियाभर में जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने की बात चल रही है, उसे देखते हुए मुकेश अंबानी अपने पेट्रोकेमिकल के बिजनेस से टेलीकॉम और तकनीकी बिजनेस में शिफ्ट कर रहे हैं।

यही वजह है कि मुकेश अंबानी ने रिलायंस जियो में आने वाले दिनों में भारी भरकम निवेश की घोषणा की है। जिसके लिए पहले वह रिलायंस को पूरी तरह से कर्जमुक्त करना चाहते हैं।

भारत में रिलायंस जियो अपने पर्दापण के साथ ही एक डिजिटल क्रांति की वाहक बनी है। जिस तरह से जियो ने लोगों को मुफ्त में या कम दर पर अनलिमिटेड डाटा दिया, उसी का नतीजा था कि बेहद ही कम समय में जियो सब्सक्राइबर्स की संख्या करोड़ो में पहुंच गई।

अब जियो ने भविष्य में जिस तरह से डिजिटल टीवी, दूरसंचार नेटवर्क, इंटरनेट की स्पीड बढ़ाने संबंधी क्षेत्रों में भारी-भरकम निवेश का ऐलान किया है स्वाभाविक है कि भारत जैसे बड़ी मार्केट वाले देश में डिजिटल सेक्टर में बूम आ सकता है और यही वजह है कि दुनिया की विभिन्न तकनीकी कंपनियां जियो में निवेश कर इस इसका फायदा उठाना चाहती हैं।

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