दिल्ली हिंसा का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है जिसमे कुछ हिंसात्मक लोग एक मस्ज्दि की मीनार पर चढ़ते है मीनार के शीर्ष पर लगे स्लामिक चिन्ह को तोड़ने की कोशिस करते है।

उसके बाद उसपर झंडा लगाते है बीबीसी समाचार लिखता है। अशोक नगर की गली नंबर पांच के पास बड़ी मस्जिद के बाहर मौजूद युवकों से बात करने की कोशिश की तो उनकी प्रतिक्रिया में आक्रोश साफ़ दिख रहा था।

हम उनके पीछे-पीछे चलकर मस्जिद के अंदर गए। अंदर फ़र्श पर अधलजी कालीनें नज़र आईं. इधर-उधर टोपियां भी बिखरी पड़ी थीं।

मस्जिद को नुकसान पहुँचाने वाले लोग बहार से आये थे :

बीबीसी लिखता है कि उसने इस इलाक़े के हिंदुओं से भी बात की। इन लोगों का कहना था कि ये मस्जिद यहां कई सालों से है। पर कभी ऐसी वारदात नहीं हुयी।

https://twitter.com/Ashkarahmad11/status/1232343998125076482?s=20

इस मस्जिद को नुक़सान पहुंचाने वाले लोग बाहर से आए थे। स्थानीय हिंदुओं का कहना था कि अगर वे बाहर से आए लोगों को रोकने की कोशिश करते तो शायद वे भी मारे जाते।

मस्जिद को पहुंचाए गए नुक़सान से आहत रियाज़ सिद्दीक़ी नाम के शख़्स कहते हैं, “आख़िर लोगों को ऐसा करके क्या हासिल होता है?” वंही सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा था। जिसमे यह कहा गया था कि यह वीडियो दिल्ली का नहीं है लेकिन सच्चाई यह कि यह वीडियो दिल्ली के अशोक नगर का है।

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