बांदा : जनपद बांदा में बेसिक शिक्षा विभाग की घोर लापरवाही सामने आई है। जहां सर्व शिक्षा के विकास करने का दावा करने वाली उत्तर प्रदेश की योगी सरकार। निःशुल्क शिक्षा मुहैया करवाने का वादा करती है।

वहीं बांदा के शिक्षा विभाग के कर्मचारियों द्वारा प्राथमिक स्तर की किताबों को जो बच्चों को बांटने के लिए आई थी उन्हें बच्चों को न बांट कर कबाड़ के भाव में कबाड़ी को बेच दी गई |

जबकि अभी तक बच्चों को आधी किताबें ही बांटी गई हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा का स्तर क्या होगा इससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है | वेतन मिलने के बाद भी अधिकारियों कर्मचारियों का पेट नहीं भर पा रहा और वह बच्चों के पढ़ने के लिए आई किताबें ही बेंच कर खाये जा रहे हैं |

बुधवार 15 जनवरी को बाँदा के शिक्षा विभाग में बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का बड़ा मामला सामने आया। जहाँ बच्चों के पढने के लिए आई किताबों, बच्चों को ना बांटकर नई किताबों को औने पौने दामों में एक कबाड़ी को बेंच दिया गया।

प्रत्यक्ष दर्शी

किताबें बेंचने का मामला तब सामने आया जब हाँथ ठेला में कबाड़ी उन नई किताबों को लाद रहा था। तभी वहाँ से गुजर रहे एक युवक ने पहले बीएस हरिश्चन्द्र नाथ को फोन कर नई किताबों के कबाड़ी को बेंचने की जानकारी दी। जिस पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जाँच की बात कहकर बात को टाल दिया |

अधिकारियों को सूचना देने के बाद भी कोई कार्यवाही ना होने पर सूचना देने वाले युवक ने मीडिया को जानकारी दी तो पूरा मामला और अधिकारियों की हकीकत खुलकर सामने आई | मीडिया द्वारा जिला अधिकारी हीरालाल को मामले से औगत करवाया कि कैसे सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ने के लिए सरकार द्वारा भेजी गई किताबों को बेचा जा रहा है।

जिला अधिकारी ने तुरंत बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिश्चन्द्र नाथ को फोन कर मामले पर तत्काल कार्यवाही की बात कही। जिला अधिकारी के संज्ञान में पूरा मामला आने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी को अपना आफिस छोड़ कर मौके पर जाना पड़ा।

घटनास्थल पर पहुंचकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मीडिया के सामने अपनी ईमानदारी का राग अलापने में लगे रहे। संबंधित विषय पर संलिप्त लोगों के खिलाफ जांच उपरांत 24 घंटे के अंदर त्वरित कार्यवाही की बात कही। मामला जिला अधिकारी के संज्ञान में आने के बाद एक्शन में आये बेसिक शिक्षा अधिकारी।

जब जिलाधिकारी बांदा हीरालाल को इस पूरे मामले की जानकारी दी गई तो जिलाधिकारी के हस्तक्षेप करने के बाद तत्काल जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आनन-फानन में घटनास्थल पर पहुंच करके पुनः मीडिया से मुखातिब होते हुए बताया है कि यह मामला मेरे संज्ञान में अभी आया है। हलांकि इस मामले पर संलिप्त लोगों के खिलाफ 24 घंटे के अंदर जांच कर कार्यवाही करूंगा।

कल कार्यवाही के लिए दिए गए बयान के बाद आज उन्होंने मीडिया को बताया कि उच्चतर प्राथमिक विद्यालय भगना पुरवा के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी विकास सिंह के घर से वो किताबें बेची गई थीं उनके इस कृत की वजह से उन्हें निलंबित कर दिया गया है। साथ ही एक जांच कमेटी गठित की गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे कार्यवाही की जाएगी ।

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