अलीगढ : सड़क पर हनुमान चालीसा व आरती न करने के आदेश पर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। इसके बाद हिंदू जागरण मंच (एचजेएम) ने शनिवार को कहा कि अगर आदेश लागू हुआ तो जिलाधिकारी से सड़क पर हनुमान चालीसा पढ़वाएंगे।

अलीगढ़ के जिलाधिकारी सीबी सिंह को धमकी देते हुए हिंदू जागरण मंच के राज्य महासचिव सुरेंद्र सिंह भगौर ने कहा, ‘हम जिलाधिकारी का आदेश नहीं मानेंगे। वह हमें आदेश देने वाले कोई नहीं हैं। अगर उन्होंने सार्वजनिक जगहों पर हमें धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने से रोका तो उन्हें सड़क पर ‘हनुमान चालीसा’ पढ़ने के लिए बाध्य किया जाएगा।’

क्या है मामला

गौरतलब है रमजान के दौरान मुस्लिमो ने सड़क पर नमाज अदा किया था तब से यह खुन्नस कुछ भगवाधारियों को है जिसका विरोध हुआ। जिसके बदले में कुछ गठन मुस्लिमों के सड़क पर नमाज पढ़े जाने के विरोध में सड़क पर हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे। जिसको लेकर सडको पर जाम लगने लगा और लोगो ने शिकायत की एक्शन लेते हुए जिलाधिकारी ने दोनों समुदाय के प्रतिनिधियों से बात की और कहा कि सड़क पर किसी भी तरह के धार्मिक कार्यक्रम की इजाजत नहीं दी जाएगी।

हिन्दू जागरण मंच का एलान-ऐ -जंग

जिलामजिस्ट्रे के इस आदेश को हिन्दू जागरण मंच ने मानने से मना कर दिया। साथ ही हिन्दू जागरण मंच के नेता ने कहा की यह आदेश देने वाले डीएम कौन होते है। हिंदू जागरण मंच के प्रदेश मंत्री आगरा निवासी डॉ. भगौर ने शुक्रवार को विवादित बयान दिया था। यहां आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा था कि सड़कों पर हनुमान चालीसा और आरती रोकने वाले डीएम होते कौन हैं। यदि उन्होंने रोक लगाने की कोशिश की तो उन्हें भस्म कर दिया जाएगा।

शनिवार को डीएम के निर्देश पर भगौर के खिलाफ गांधीपार्क थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। इस पर आक्रोश व्यक्त करते हुए ङ्क्षहदू जागरण मंच ने सोमवार को पूरे प्रदेश में अलीगढ़ के डीएम चंद्रभूषण सिंह के खिलाफ सड़क पर उतरने का एलान कर दिया।अब रिपोर्ट रद करने व डीएम को निलंबित करने की मांग को लेकर कार्यकर्ता सोमवार को पूरे प्रदेश में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेंगे और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन देंगे।

इस दौरान मस्जिदों से लाउडस्पीकर उतरवाने की मांग भी की जाएगी। मंच के इस निर्णय से पुलिस प्रशासन भी अलर्ट है। एसएसपी आकाश कुलहरि ने कहा है कि यदि किसी ने भी माहौल खराब किया तो कार्रवाई की जाएगी।हालांकि संगठन के स्थानीय पदाधिकारियों ने अभी रणनीति स्पष्ट नहीं की है।

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