कभी भाईचारे और मोहब्बत की मिशाल देने वाला भारत देश आज जाति धर्म और नफ़रत की आग में जल रहा है। जहाँ जाति धर्म मिटाकर आगे बढ़ने की बात की जा रही है वंही आकड़े बताते है देश में अंतर्जतीय प्रेम, विवाह, आदि के कारण हॉनर किलिंग की मामलों में बढ़त हुयी है।

जहां एक तरफ उच्च शिक्षा में सभी जातियों की भागीदारी बढ़ने से कुछ युवा जाति- धर्म के बंदिशें तोड़कर आगे बढ़ना चाहते है वंही एक भीड़ उन्हें मौत देकर समाज में जाति-धर्म का भय पैदा कर रहा है।

हाल में ही गुजरात में गुजरात में एक 25 साल के दलित युवक की उसके ऊंची जाति के ससुराल वालों ने पुलिस के सामने ही तलावरों, चाकुओं और डंडों से वार कर हत्या कर दी।कारण बस इतना था की उसने अच्छा जाति की लड़की से विवाह किया था।

पुलिस का कहना है कि घटना के वक्त वहां महिला हेल्पलाइन टीम भी मौजूद थी। लेकिन हत्या में शामिल उन आठ में से किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इस हत्या के मुख्य आरोपी उर्मिला के पिता दशरथसिन्ह जाला को बताया जा रहा है। हत्या का कारण प्रेम विवाह को बताया जा रहा है। कच्छ के गांधीधाम के रहने वाले सोलंकी की शादी उर्मिला जाला से करीब छह महीने पहले हुई थी।

मृतक हरेश सोलंकी के पिता ने बतया की आये दिन लड़की के घर वाले उसके परिवार वालो को जान से मरने की धमकी दिया करते थे। शादी के बाद उर्मिला और हरेश दिल्ली में रहते थे। लेकिन मई महीने में ही उसके माता-पिता उसे वारमोर वापस ले आए थे। पुलिस के अनुसार, उर्मिला अभी दो महीने की गर्भवती है और लापता है।

जब सोलंकी को पता चला कि उर्मिला गर्भवती है, तो उसने 181 अभयम टीम की मदद से ससुराल वालों को समझाने की कोशिश की। अभयम 181 हेल्पलाइन खासतौर पर मुश्किल में फंसी महिलाओं की मदद के लिए है। इसमें काउंसलर्स की टीम होती है। लेकिन सोलंकी के मामले में काउंसलर्स के साथ एक महिला कॉन्स्टेबल भी उसके ससुराल पहुंची थी।

घटना सोमवार शाम की है. हरेश सोलंकी दो महीने से गर्भवती अपनी पत्नी उर्मिला झाला को लेने अपने ससुराल गए थे. उनके साथ 181 पुलिस वाहन और हेल्पलाइन अधिकारी भी थे। दावा है कि उसी समय आठ लोगों ने धारदार हथियार से हरेश सोलंकी पर हमला किया, जिससे उनकी मौत हो गई. हेल्पलाइन सर्विस के स्टाफ, महिला कॉन्सटेबल को भी चोट आई है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमले में सोलंकी के सिर और अन्य अंगों पर चोटें आईं और उसकी मौत हो गई. उन्होंने बताया कि ‘अभयम’ की गाड़ी भी हमले में क्षतिग्रस्त हुई है जबकि सोलंकी के साथ गए अधिकारी बच गए हैं.

मानवर ने बताया कि सोलंकी के ससुराल वालों समेत आठ लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 341 (गलत तरीके से रोकना), 353 (लोक सेवक को ड्यूटी करने से रोकने के लिए आपराधिक बल का इस्तेमाल), 147 (दंगा) और अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

दलितों के लिए गुजरात सबसे खतरनाख

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